नेक लोगों की सोहबत कामयाबी का पोशीदा राज़

ख़ामा बकफ़ मुहम्मद आदिल अररियावी
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कामयाबी का एक बहुत बड़ा और बुनियादी राज़ यह है कि इंसान अपनी सोहबत से अपने इर्दगिर्द रहने वाले लोगों को बदल दे। यह बात सिर्फ़ एक नसीहत या आम सी कहावत नहीं है बल्कि एक गहरी हक़ीक़त है जिसका असर इंसान की पूरी ज़िंदगी पर पड़ता है।
यह बात हमेशा याद रखें कि जैसी सोहबत वैसा असर। यानी आप जिन लोगों के साथ वक़्त गुज़ारते हैं वैसे ही ख़यालात, आदतें और रवैये आपके अंदर आना शुरू हो जाते हैं। अगर आप तरक़्क़ी करना चाहते हैं, आगे बढ़ना चाहते हैं और ज़िंदगी में कुछ बड़ा हासिल करना चाहते हैं तो ज़रूरी है कि आप ऐसे लोगों के साथ बैठें जो आपको बुलंद सोच दें, आपके हौसले बढ़ाएँ और आपको आगे बढ़ने की तरग़ीब दें न कि ऐसे लोगों के साथ जो आपको नीचे खींचें और आपके रास्ते में रुकावट बनें।
अगर आप चाहते हैं कि आप ऊँची परवाज़ करें तो ऐसे लोगों का इंतिख़ाब करें जो आपको आसमान की वुसअतों का एहसास दिलाएँ, आपके ख़्वाबों को समझें और उनकी क़द्र करें। ऐसे दोस्त हरगिज़ न बनाएँ जो आपकी कमज़ोरियों का मज़ाक़ उड़ाएँ या आपको एहसास-ए-कमतरी में मुब्तिला करें बल्कि ऐसे दोस्त चुनें जो आपकी ख़ामियों को समझें, आपको बेहतर बनने में मदद दें और आपकी शख़्सियत को मज़बूत करें।
अच्छा दोस्त वह होता है जो आपके ख़्वाबों पर हँसे नहीं बल्कि उनको हक़ीक़त बनाने के लिए आपका साथ दे। वह आपके मुश्किल वक़्त में आपके साथ खड़ा रहे, आपको हौसला दे और आपको मायूसी से निकाले। हक़ीक़त यह है कि ज़िंदगी में वही लोग कामयाब होते हैं जो अपने इर्दगिर्द मुसबत सोच रखने वाले मुखलिस और हौसला देने वाले लोगों को रखते हैं।
क्योंकि एक सच्चा और नेक दोस्त सिर्फ़ वक़्ती साथ नहीं देता बल्कि वह इंसान की ज़िंदगी बदलने की सलाहियत रखता है। वह आपकी सोच को बेहतर बनाता है, आपके किरदार को सँवारता है और आपको सही रास्ते पर चलने में मदद देता है।
इस के बरअक्स मंफ़ी सोच रखने वाले लोग, मतलबी ताल्लुक़ात और वक़्त ज़ाया करने वाली सोहबतें इंसान के ख़्वाबों को आहिस्ता-आहिस्ता ख़त्म कर देती हैं। यह नुक़सान फ़ौरन नज़र नहीं आता मगर वक़्त के साथ इंसान को पीछे धकेल देता है।
 नेक और अच्छे दोस्त कैसे चुने जाएँ? ऐसे लोगों को अपनी ज़िंदगी का हिस्सा बनाएँ जो आपको अल्लाह तआला के क़रीब करें, जो आपकी सोच को मुसबत और बेहतर बनाएँ, जो आपको बुराई से रोकें और नेकी की तरफ़ ले जाएँ। याद रखें, असल कामयाबी इंसान को अकेले हासिल नहीं होती बल्कि वह उन लोगों के साथ मिलकर हासिल होती है जो मुश्किल वक़्त में भी उसका साथ न छोड़ें।
अपनी महफ़िल और अपने दोस्तों का इंतिख़ाब बदल लें, आपकी ज़िंदगी खुद ब खुद बदलना शुरू हो जाएगी।
नेक लोगों की सोहबत इंसान को न सिर्फ़ दुनिया में कामयाब बनाती है बल्कि उसे अल्लाह तआला के क़रीब भी करती है। इसलिए हमेशा कोशिश करें कि अच्छे, दीनदार और बाअख़लाक़ लोगों के साथ रहें।
ख़ास तौर पर तुलबा को इस बात का बहुत ज़्यादा ख़याल रखना चाहिए कि वह किन लोगों के साथ दोस्ती कर रहे हैं। ऐसे तालिब इल्मों से दोस्ती करें जो अख़लाक़ के अच्छे हों, नेक हों और इल्म हासिल करने में संजीदा हों। क्योंकि दोस्तों का असर तालीम, किरदार और मुस्तक़बिल सब पर पड़ता है। अगर इंसान बुरी सोहबत इख़्तियार कर लेता है तो वह आहिस्ता-आहिस्ता अल्लाह तआला से दूर होता चला जाता है। इसका नतीजा यह निकलता है कि वह बड़े छोटे की तमीज़ खो देता है, वालिदैन की इज़्ज़त नहीं करता, असातज़ा का एहतराम नहीं करता और दीन से दूर हो जाता है। और याद रखें जो शख़्स दीन से दूर हो जाता है उसकी आख़िरत भी ख़राब हो जाती है और वह अल्लाह तआला की नाराज़ी का सबब बन सकता है।
इसलिए ज़रूरी है कि हम अपनी ज़िंदगी को सँवारने के लिए अल्लाह तआला को राज़ी करने की कोशिश करें क्योंकि इसी में हमारी कामयाबी, भलाई और नजात है।
दुनिया में आपको हर तरह के लोग मिलेंगे लेकिन आपकी कामयाबी इस बात पर मुनहसिर है कि आप किसको अपना क़रीब रखते हैं। हमेशा अच्छे लोगों के साथ रहने की कोशिश करें, उनसे अच्छी बातें सीखें, उनके साथ इल्मी और अख़लाक़ी ताल्लुक़ क़ायम करें।
 अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त से दुआ है कि वह हमें सीधे रास्ते पर क़ायम रखे और हमें नेक लोगों की सोहबत नसीब फ़रमाए, आमीन या रब्बुल आलमीन।