علم صرف किताबों तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह किरदार, माहौल और تربیت में भी झलकता है—यह बात मुझे इस मदरसे के दौरे के दौरान شدت से महसूस हुई।
हाल ही में मुझे جامعۃ الحسنین के अंदर जाने का मौका मिला, जहां दाखिल होते ही एक نورانی और پُرسکون فضا ने मेरा استقبال किया। طلبہ की قرآنِ مجید की تلاوت की आवाजें दिल को सुकून بخش रही थीं और हर तरफ علم و تربیت का حسین امتزاج नजर आ रहा था।
यहां طلبہ को सिर्फ قرآنِ مجید की تعلیم ही नहीं दी जाती बल्कि उनकी ہمہ جہت تربیت पर भी خصوصی توجہ दी जाती है। جامعہ के अहम अहداف में طلبہ को جدید علوم से آراستہ करना भी शामिल है। حفظِ قرآن के साथ साथ बाकायदा स्कूल की تعلیم का इंतजाम मौजूद है, जबकि درسِ نظامی के साथ میٹرک तक تعلیم का مربوط نظام भी قائم है।
مزید برآں, "حفاظ ایجوکیشن سسٹم" के तहत طلبہ को एक साल में अरबी زبان पर عبور دلایا جاتا है, और अगले ही साल वह अंग्रेजी زبان में भी مہارت हासिल कर लेते हैं। यह एक نہایت قابلِ تحسین کاوش है जो طلبہ को عصرِ حاضر के تقاضوں से ہم آہنگ बनाती है।
गैर نصابی سرگرمیوں में भी جامعہ किसी से पीछे नहीं। कराटे की تربیت سرفہرست ہے, जहां एक ماہر انسٹرکٹر طلبہ को न सिर्फ कराटे बल्कि लाٹھی گھمانے जैसे ہنر भी सिखाता है। इसके साथ साथ طلبہ को कंप्यूटर के جدید فنون से भी روشناس کرایا جاتا है ताकि वह आने वाले वक्त के چیلنجز का मुकाबला कर سکیں۔
مدیرِ جامعہ से मुलाकात भी इस दौरे का एक अहम हिस्सा थी। वह एक صاحبِ فکر, محنتی और باصلاحیت شخصیت के مالک हैं, जिनकी سوچ عالمِ اسلام के غلبے और ترقی के گرد گھومتی है। वह نہایت جانفشانی से मदरसे के امور को سنبھال रहे हैं और طلبہ की बेहतरीन تربیت के लिए کوشاں ہیں۔
इसी दौरान सर मुहम्मद साहब से भी मुलाकात हुई, जो मदरसे के نہایت محنتی और قابل فرد ہیں۔ वह मदरसे की تعلیمی و غیر نصابی سرگرمیوں की ویڈیوز ایڈیٹ करते हैं और جدید ذرائع के ذریعے ادارے की نمائندگی करते ہیں۔
यह دورہ मेरे लिए نہایت یادگار रहा। दिल से यह ख्वाहिश पैदा होती है कि हर मदरसा अपने طلبہ को دینی تعلیم के साथ साथ جدید علوم, गैर نصابی سرگرمیوں और कंप्यूटर जैसे فنون से भी آراستہ करे, ताकि यह طلبہ دینِ حنیف का پیغام مؤثر और تیز رفتاری से دنیا بھر میں پہنچا سکیں۔
आखिर में मैं تہہ دل से شکر گزار ہوں مولانا اعجاز محمود صاحب, सर मुहम्मद साहब और مولانا احمد صاحب का, जिन्होंने हमें यह دورہ کروایا और अपने قیمتی वक्त में से हमें वक्त दिया۔
अल्लाह تعالیٰ से दुआ है कि इस मदरसे को दिन دگنی, रात چوگنی ترقی عطا فرمائے۔
आमीन या रब الشہداء والمجاہدین۔

بقلم 
तूफान अहमरी