✨ ज़िंदगी सँवारने वाली संक्षिप्त मगर महान निर्देश ✨
1️⃣ जब माँगो तो सिर्फ़ अल्लाह से माँगो, और मदद भी उसी से चाहो।
2️⃣ अल्लाह के अहकाम की हिफ़ाज़त करो (यानी उसके दीन, हुदूद और फ़राइज़ का ख़याल रखो), तो अल्लाह तुम्हारी हर तरह हिफ़ाज़त फ़रमाएगा।
3️⃣ जहाँ भी रहो, अल्लाह से डरते रहो।
4️⃣ कहो: मैं अल्लाह पर ईमान लाया, फिर उसी पर साबित क़दम रहो।
5️⃣ हराम चीज़ों से बचो, तुम बेहतरीन इबादत गुज़ार बन जाओगे।
6️⃣ अल्लाह की दी हुई तक़सीम पर राज़ी रहो, तुम सब से ज़्यादा मालदार बन जाओगे।
7️⃣ शक वाली चीज़ छोड़ कर वो इख़्तियार करो जिस में शक न हो।
8️⃣ हर उस चीज़ की कोशिश करो जो तुम्हें फ़ायदा दे।
9️⃣ अल्लाह से मदद माँगो और हिम्मत न हारो।
🔟 दुनिया में ऐसे रहो जैसे तुम मुसाफ़िर हो।
1️⃣1️⃣ अपनी ज़बान को हमेशा अल्लाह के ज़िक्र से तर रखो।
1️⃣2️⃣ बुराई के बाद नेकी करो, वो बुराई को मिटा देगी।
1️⃣3️⃣ बुराई देखो तो उसे रोकने की कोशिश करो।
1️⃣4️⃣ ग़ुस्सा से बचो।
1️⃣5️⃣ मज़लूम की बद्दुआ से डरो।
1️⃣6️⃣ लोगों के साथ अच्छे अख़लाक़ से पेश आओ।
1️⃣7️⃣ दूसरों के लिए वही पसंद करो जो अपने लिए चाहते हो।
1️⃣8️⃣ पड़ोसी के साथ हुस्न-ए-सुलूक़ करो।
1️⃣9️⃣ अच्छी बात कहो या ख़ामोश रहो।
2️⃣0️⃣ मेहमान की इज़्ज़त करो।
2️⃣1️⃣ किसी नेकी को मामूली न समझो।
2️⃣2️⃣ आसानी पैदा करो, सख़्ती न करो।
2️⃣3️⃣ ख़ुशख़बरी दो, नफ़रत न फैलाओ।
2️⃣4️⃣ ज़्यादा हँसने से बचो, यह दिल को कमज़ोर कर देता है।
2️⃣5️⃣ मामूली नेकी से भी जहन्नम से बचने की कोशिश करो।
2️⃣6️⃣ सलाम को आम करो।
2️⃣7️⃣ लोगों को खाना खिलाओ।
2️⃣8️⃣ रिश्तेदारों से ताल्लुक़ जोड़े रखो।
2️⃣9️⃣ रात में इबादत करो जब लोग सो रहे हों।
3️⃣0️⃣ खाना अल्लाह का नाम ले कर, दाएँ हाथ से और अपने सामने से खाओ।
3️⃣1️⃣ हर नमाज़ के बाद यह दुआ ज़रूर पढ़ो:
"अल्लाहुम्मा अ'इन्नी अला ज़िक्रीका व शुक्रिका व हुस्नी इबादतिका"
(ए अल्लाह! मुझे अपने ज़िक्र, शुक्र और बेहतरीन इबादत की तौफ़ीक़ दे)
3️⃣2️⃣ हसद से बचो।
3️⃣3️⃣ बुग्ज़ और दुश्मनी न रखो।
3️⃣4️⃣ तजस्सुस (टोह लगाना) न करो।
3️⃣5️⃣ आपस में भाई भाई बन कर रहो।
3️⃣6️⃣ तीन दिन से ज़्यादा नाराज़गी न रखो।
3️⃣7️⃣ औरतों के साथ अच्छा सुलूक करो।
3️⃣8️⃣ कसरत-ए-सजदा से अल्लाह का क़ुर्ब हासिल करो।
3️⃣9️⃣ अपने लिए, औलाद के लिए और माल के लिए बद्दुआ न करो।
4️⃣0️⃣ बदगुमानी से बचो, यह सब से बड़ी झूठी बात है।
🤲 दुआ
अल्लाह तआला हमें इन मुबारक तालीमात को समझने, अपनाने और दूसरों तक पहुँचाने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
1️⃣ जब माँगो तो सिर्फ़ अल्लाह से माँगो, और मदद भी उसी से चाहो।
2️⃣ अल्लाह के अहकाम की हिफ़ाज़त करो (यानी उसके दीन, हुदूद और फ़राइज़ का ख़याल रखो), तो अल्लाह तुम्हारी हर तरह हिफ़ाज़त फ़रमाएगा।
3️⃣ जहाँ भी रहो, अल्लाह से डरते रहो।
4️⃣ कहो: मैं अल्लाह पर ईमान लाया, फिर उसी पर साबित क़दम रहो।
5️⃣ हराम चीज़ों से बचो, तुम बेहतरीन इबादत गुज़ार बन जाओगे।
6️⃣ अल्लाह की दी हुई तक़सीम पर राज़ी रहो, तुम सब से ज़्यादा मालदार बन जाओगे।
7️⃣ शक वाली चीज़ छोड़ कर वो इख़्तियार करो जिस में शक न हो।
8️⃣ हर उस चीज़ की कोशिश करो जो तुम्हें फ़ायदा दे।
9️⃣ अल्लाह से मदद माँगो और हिम्मत न हारो।
🔟 दुनिया में ऐसे रहो जैसे तुम मुसाफ़िर हो।
1️⃣1️⃣ अपनी ज़बान को हमेशा अल्लाह के ज़िक्र से तर रखो।
1️⃣2️⃣ बुराई के बाद नेकी करो, वो बुराई को मिटा देगी।
1️⃣3️⃣ बुराई देखो तो उसे रोकने की कोशिश करो।
1️⃣4️⃣ ग़ुस्सा से बचो।
1️⃣5️⃣ मज़लूम की बद्दुआ से डरो।
1️⃣6️⃣ लोगों के साथ अच्छे अख़लाक़ से पेश आओ।
1️⃣7️⃣ दूसरों के लिए वही पसंद करो जो अपने लिए चाहते हो।
1️⃣8️⃣ पड़ोसी के साथ हुस्न-ए-सुलूक़ करो।
1️⃣9️⃣ अच्छी बात कहो या ख़ामोश रहो।
2️⃣0️⃣ मेहमान की इज़्ज़त करो।
2️⃣1️⃣ किसी नेकी को मामूली न समझो।
2️⃣2️⃣ आसानी पैदा करो, सख़्ती न करो।
2️⃣3️⃣ ख़ुशख़बरी दो, नफ़रत न फैलाओ।
2️⃣4️⃣ ज़्यादा हँसने से बचो, यह दिल को कमज़ोर कर देता है।
2️⃣5️⃣ मामूली नेकी से भी जहन्नम से बचने की कोशिश करो।
2️⃣6️⃣ सलाम को आम करो।
2️⃣7️⃣ लोगों को खाना खिलाओ।
2️⃣8️⃣ रिश्तेदारों से ताल्लुक़ जोड़े रखो।
2️⃣9️⃣ रात में इबादत करो जब लोग सो रहे हों।
3️⃣0️⃣ खाना अल्लाह का नाम ले कर, दाएँ हाथ से और अपने सामने से खाओ।
3️⃣1️⃣ हर नमाज़ के बाद यह दुआ ज़रूर पढ़ो:
"अल्लाहुम्मा अ'इन्नी अला ज़िक्रीका व शुक्रिका व हुस्नी इबादतिका"
(ए अल्लाह! मुझे अपने ज़िक्र, शुक्र और बेहतरीन इबादत की तौफ़ीक़ दे)
3️⃣2️⃣ हसद से बचो।
3️⃣3️⃣ बुग्ज़ और दुश्मनी न रखो।
3️⃣4️⃣ तजस्सुस (टोह लगाना) न करो।
3️⃣5️⃣ आपस में भाई भाई बन कर रहो।
3️⃣6️⃣ तीन दिन से ज़्यादा नाराज़गी न रखो।
3️⃣7️⃣ औरतों के साथ अच्छा सुलूक करो।
3️⃣8️⃣ कसरत-ए-सजदा से अल्लाह का क़ुर्ब हासिल करो।
3️⃣9️⃣ अपने लिए, औलाद के लिए और माल के लिए बद्दुआ न करो।
4️⃣0️⃣ बदगुमानी से बचो, यह सब से बड़ी झूठी बात है।
🤲 दुआ
अल्लाह तआला हमें इन मुबारक तालीमात को समझने, अपनाने और दूसरों तक पहुँचाने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।