बिन्त मुहम्मद राफे ✍️

सुन लो 
तुम जहाँ कहीं भी हो अल्लाह तुम्हारे साथ हैं 
अल्लाह ताला दिलों के हाल को जानने वाले हैं 
अल्लाह ताला वो सब जानते हैं जो तुम करते हो 

अगर ,,,,,
अगर इस बात पर गौर कर लिया जाए हर वक्त अपने ज़ेहन में महफूज़ कर लिया जाए 
कि यार हम जो कर रहे हैं अल्लाह ताला हमें देख रहे हैं , हम जो सोच रहे हैं वो भी जानते हैं हम जो अपनी ज़बान से बातें निकालते हैं चुपके से उसको भी जानते हैं 
तो हमें क्या किसी गुनाह का काम करने का मन कहेगा 
अगर मान लें हमारा दिल कहा भी कि ये काम कर लेते हैं बहुत अच्छा लगेगा बहुत सुकून मिलेगा 
और हमने शुरुआत भी कर दी इस काम की 
,,और जो हम काम कर रहे हैं है वो इंतहाई गंदा 
बहुत ही बुरा काम है बहुत ही बड़ा गुनाह है इस काम से और 
और क्या?? 
 और ये कि अचानक हमारे ज़ेहन में आजाये कि अल्लाह ताला हमें देख रहे हैं तो क्या हमारी इतनी औकात कि हम वो गुनाह कर लें हम वो बेहयाई अपने रब के सामने कर लेंगे इतनी जुर्रत है??
हरगिज़ नहीं ना 
हमें मजबूरन रुकना पड़ेगा 

क्या कर रहे हैं हम हमारी ज़िंदगियाँ तो पहले ही मुश्किल में है इसे अल्लाह ताला से दूर करके मज़ीद मुश्किल में क्यों करना 
हम अपने रब को हासिल कर सकते हैं 
मुश्किल हरगिज़ नहीं है 
हमने मुश्किल बना लिया है 
अगर हम हर वक्त ये याद रखें अल्लाह ताला हमें देख रहे हैं हम अपने रब के आशिक़ भी बन सकते हैं 
यक़ीन जानें रब को हासिल करना बहुत आसान है 
बस कुछ मेहनतें ही लगेंगी बा आसानी फिर हासिल हो जाएंगे मेरे अल्लाह ताला 
अगर बात की जाए तो रब तो हमेशा हमारे ही हैं दूर तो हम भाग रहे हैं 
दूर ना भागें ,,,,दूर ना जाएं 
अल्लाह ताला हमारे इंतज़ार में हैं 💔

या रब्बुल इज्ज़त हमें हिदायत से नवाज़ दें🤲