यह एक ऐसी खामी है जिसके ज़रिये मैं अपने مضمون का आगाज़ कर रही हूँ

"वह है संगीत"

यह एक ऐसी खामी है जिसने हमारे समाज में बहुत तेज़ी से जन्म लिया है, इस चीज़ को देखने के लिए हमें कहीं जाने की ज़रूरत नहीं बल्कि आज इस को सुनने वाले हम को हमारे अपने घरों में नज़र आएँगे।

आज के दौर में हर किसी के पास मोबाइल है कोई ज़रा सा रूठा या दोस्त से नाराज़ हुआ तो गाना सुनना शुरू, कोई बहुत खुश है या शादी वग़ैरा है इस पर भी आप देखेंगे कि हर कोई गाना सुनता है नज़र आएगा बल्कि ऐसे मौके पर लाउड स्पीकर से बजाया जाता है हर मौके पर गाना, चलते फिरते एअर फोन लगा लिया और गाना सुन रहे हैं।
हद तो यह है कि घर में बच्चे बच्चे के हाथ में मोबाइल माँ खाना बना रही है बच्चा तंग कर रहा है मोबाइल दे दिया, माँ साफ़ सफ़ाई कर रही है बच्चा तंग कर रहा है मोबाइल दे दिया, बच्चा खाना नहीं खा रहा है मोबाइल दे दिया, बच्चा रो रहा है मोबाइल दे दिया, गोया हर मसले का हल मोबाइल है। 

हम चाहते हैं कि हमारे बच्चे नेक हों, हमारे घर के बच्चे सलाहुद्दीन अय्यूबी बनें, क्या वाक़ई हम अपने बच्चे पर मेहनत कर रहे हैं उनकी तरबियत हम कर रहे हैं या यह मोबाइल कर रहा है।
संगीत सुनने की आदत इस क़दर मुसलमानों में है जिस का अंदाज़ा नहीं लगाया जा सकता है। 

लेकिन फिर भी लोग इस से बाज़ नहीं आते अगर आप उन्हें मना करें तो यही कहते हैं कि बड़ी पारसा बनती हैं बहुत नेक समझती हैं खुद को, आज के दौर में कौन नहीं सुनता गाना, अभी हमारी उम्र ही क्या है, वैसे आप हमारे मामले में दख़ल अंदाज़ी न करें। 

अब आप ज़रा सोचें जब समाज में ऐसी सोच रखने वाले लोग होंगे तो इस समाज का क्या हाल होगा? 
अफ़सोस का मक़ाम है कि जिस क़ौम की रूह की ग़िज़ा क़ुरान हो जिस क़ौम के आईडियल या रोल मॉडल रसूल अल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम और सहाबा सहाबियात हों वह क़ौम ग़ैर मुस्लिम एक्ट्रैस को अपना सब कुछ मानते हों मौजूदा दौर में लोग कहते हैं कि मुसलमानों के ऊपर ज़ुल्म हो रहा है क्या कभी आपने यह सोचा कि हमारे ऊपर ज़ुल्म  क्यों हो रहा है? हम दुनिया में मग़लूब क्यों हैं?
आज के दौर में बहुत कम ऐसे लोग हैं जो संगीत सुनने के आदी न हों।
!क़ुरान मजीद में अल्लाह ताला का इरशाद है 
"  ولا تقربوا الفواحش ماظھر منہا ومابطن"
आइए अहद करें न हम संगीत वग़ैरा सुनेंगे और न ही दूसरों को इस की सुनने की तरग़ीब देंगे और जो ऐसी बुराई में मुब्तिला हो गा उस को इस से हर मुम्किन रोकने की कोशिश करेंगे।
इंशाअल्लाह 

अनमोल ✍️