نوعمر लड़कों और खासकर सभी लड़कियों के लिए
1. अगर कोई व्यक्ति चाहे वह आपका टीचर हो, स्कूल का चपरासी, ऑफिस बॉय चौकीदार या ड्राइवर हो, लैब अटेंडेंट या कोई बड़ा स्टूडेंट हो, आपको अकेले में बुला रहा है, उसके पास मत जाएं।
2. मदरसे का उस्ताद, कारी साहब या इमाम साहब आपको अपने निजी निवास पर या कमरे में बुलाते हैं, तो मत जाएं, और माता-पिता को यह बात जरूर बता दें।
3. गांव या शहर में अगर कोई दुकानदार आपको दुकान के अंदर आने को कहता है, तो मत जाएं। (8, 10 साल से बड़ी बच्चियां दुकान पर जाएं ही ना)
4. अपने घर के लोगों के सिवा बाहर किसी से खाने की चीज मत लें, अगर लेना भी पड़े तो खाएं मत, बल्कि जेब में रख कर बाद में फेंक दें।
5. अगर कोई अनजान आदमी आपको कहे कि फलां जगह आपके वालिद, चाचा या मामू या भाई खड़े हैं, आपको बुला रहे हैं, तो उनको कहें, मेरे वालिद, भाई या मामू खुद यहां आ जाएं।
6. अगर उस्ताद या कारी आपको कहें कि कमरे से फलां चीज लाओ, और आप जाते वक्त महसूस करें कि वह खुद भी मेरे पीछे आ रहा है, तो इससे माज़रत कर के अंदर जाने से इनकार कर दें।
7. जब भी कोई बड़ा, उस्ताद, कारी या इमाम साहब आपके इनकार के बावजूद जबरदस्ती करने की कोशिश करें या हाथ लगाने की कोशिश करें तो फौरन उस तरफ भागें जहां बाकी तालिब इल्म या लोग हों।
8. अगर कोई टीचर आपको कहें, कि मेरी बात नहीं मानोगे तो फेल कर दूंगा या नंबर कम आएंगे या जहन्नुम में जाओगे, तो इस बात की इतला अपने माता-पिता को दें।
9. घरेलू मुलाज़िमीन और घर में तामीर या मरम्मत का काम करवाने के लिए बुलाए गए मिस्त्री, मज़दूर, इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर या पेंटर वगैरा पर कड़ी नज़र रखें। बाज़ औकात यह अफ़राद ख्वातीन या बच्चों पर बुरी नज़र रखते हैं और चोरी चकारी के भी मुर्तकिब होते हैं, लिहाज़ा उनकी तरफ से ग़फ़लत या अंधा एतमाद आपको नुकसान पहुंचा सकता है। सिर्फ़ काबिल एतमाद और जाने पहचाने लोगों को ही घर में दाखिल करें।
10. कोई भी पराया शख्स अगर आपसे नरम और मीठे लहजे में बात करते वक्त आपके जिस्म को बार-बार हाथ लगाने की कोशिश करे, तो वहां से जल्दी निकलने की कोशिश करें, और उस आदमी के बारे में हमेशा एहतियात से रहें। घर में बताएं।
11. अगर आप कहीं किसी की गिरफ्त में आ गए हैं और वहां से निकल नहीं सकते, या उस बंदे से खुद को छुड़ा नहीं सकते, कोई बचाने वाला भी ना हो, और खुदा न ख्वास्ता वह आपसे कुछ गलत करने में कामयाब हो जाए, तो उसको कभी यह कहने की गलती ना करें, कि मैं अपने वालिद को बताऊंगा, बताऊंगी...
अगर आपने ऐसी बात की तो वह आपको जिंदा नहीं छोड़ेगा, अगर उसने आपको धमकी दी कि अगर घर में कुछ कहा तो मार दूंगा, तो उसे कहें ठीक है... नहीं बताऊंगा/गी, बाद में घर आ कर अपने माता-पिता को पूरा वाकिया बता दें, शर्माने की कोई जरूरत नहीं क्योंकि आपके माता-पिता यह बात किसी को नहीं बताएंगे, बल्कि उस शख्स के खिलाफ कार्रवाई करेंगे और डरने की जरूरत इसलिए नहीं कि अब आपके वालिद या सरपरस्त या बड़ों को उस शख्स का पता चल गया है, वह उसे अच्छी तरह पूछ लेंगे।
12. घर से बाहर कहीं भी अजनबी लोगों से बात करते वक्त दो मीटर का फासला रखें, उन्हें अपने करीब ना आने दें।
बराए करम! इन बातों को अपने अंदाज़ में अपने बच्चों और बाल्खुसूस बेटियों को बता दें। घर में जब भी बच्चे साथ बैठे हों, बातों बातों में दोस्ताना अंदाज़ में उन्हें इस तरह के लेक्चर दिया करें, ताकि उन्हें ज़ेहन नशीन हो जाए। यूनिवर्सिटी जाने वाली लड़कियों के माता-पिता को भी उन्हें यह सब समझाना चाहिए।
अल्लाह ताला इस कड़े वक्त में हम सब की हिफाजत फरमाए आमीन 🤲🏻
आयशा ❤