"आओ हम कुरान को अपनी जिंदगी बना लें"

जिसमें रश्दो हिदायत का सामान है
सिर्फ कुरान है.......... सिर्फ कुरान है
कुरान ऐसी अजीमुश्शान किताब है कि जिस नबी पर यह नाज़िल हुई उसे सारे नबियों पर फजीलत हासिल है उसे सारे नबियों का इमाम बना दिया गया, जिस फरिश्ते के ज़रिये कुरान नाज़िल किया गया जो फरिश्ता कुरान ले कर आता था उसे सारे फरिश्तों पर फजीलत हासिल है, जिस महीने में कुरान नाज़िल किया गया उस महीने को सारे महीनों से अफजल करार दे दिया गया और जिस रात में कुरान नाज़िल किया गया अल्लाह अकबर अल्लाह अकबर उस रात का मकाम... उस रात को एक हजार महीनों से बेहतर बताया गया और उस रात में अल्लाह ताला कसीर तादाद में अपने बंदों की मगफिरत फरमाता है।
तो सोचिए कुरान का कैसा आलीशान बुलंदो बाला मकाम व मर्तबा है अल्लाह अल्लाह... 
अल्लाह रब्बुल इज्जत हमें इस किताब के मकाम व मर्तबे को समझने वाला बनाए हमें उन लोगों में शामिल फरमाए जो कुरान वाले थे, जो कुरान वाले हैं।
 हर मुसलमान पर फर्ज है कि कुरान मजीद को अल्लाह की किताब माने और इसकी अजमत को तस्लीम करे। 
बाकी सारी आसमानी किताबों में तहरीफ कर दी गई लेकिन देखिए.! क्या शान है इस किताब की बहुत कोशिशें की गईं इस किताब में रद्दो बदल करने की लेकिन एक लफ्ज तो दूर की बात एक हरकत, एक एराब भी इधर से उधर न हो सका अरब के बड़े-बड़े मशहूर अरबी जानने वालों ने कोशिश की लेकिन हार मान कर कह दिया मा हाज़ा कलामुल बशर(यह किसी बशर का कलाम नहीं है) 
ऐसा इस वजह से क्योंकि इस किताब की हिफाजत का जिम्मा खुद अल्लाह ने लिया है जैसा कि अल्लाह रब्बुल इज्जत का इरशाद है: "इन्ना नहनु नज्जलना जिक्रा व इन्ना लहू लहाफिजून
अनुवाद: बेशक हमने ही यह कुरान नाज़िल किया है और हम ही इसकी हिफाजत करने वाले हैं
 अल्लाह रब्बुल इज्जत ने इस किताब को महफूज करने का क्या खूब इंतज़ाम किया है, अल्लाह ताला ने हाफिजों के ज़रिये इस किताब को महफूज किया और देखिए आज दुनिया भर में कुरान के हजारों नहीं लाखों नहीं करोड़ों हुफ्फाज़ ए इकराम मौजूद हैं, 4 साल 6 साल के बच्चे जो पूरी तरह संभल नहीं पाते जिन्हें ठीक से बोलना भी नहीं आता अल्लाह ने उन मासूम बच्चों के सीनों में कुरान को महफूज कर दिया अल्लाह ने उनके दिलों को कुरान के नूर से मुनव्वर कर दिया, अल्लाह अकबर "बेशक अल्लाह हर चीज पर कादिर है" 
इतना ही नहीं अल्लाह ने हाफिज ए कुरान के मकाम को भी इतना बुलंद कर दिया कि उन्हें नमाज में लोगों का इमाम बना दिया, सिर्फ उनको नहीं बल्कि उनके वालिदैन के मकाम को भी बुलंद कर दिया उनको यह एजाज बख्शा कि उनको कयामत के दिन ताज पहनाया जाएगा और हुफ्फाज़ ए इकराम की सिफारिश से 10 गुनहगारों की मगफिरत की बशारत दी गई।
हमारे प्यारे नबी पाकﷺने इसे मजबूती से पकड़ने की ताकीद की है, यह ऐसी किताब है जिसमें शक व शुबह की कोई गुंजाइश बाकी नहीं यह किताब खुद अपनी तारीफ में बताती है "ज़ालिक अल किताब ला रैब फीह
अनुवाद: इसमें राई के दाने के बराबर भी शक की गुंजाइश नहीं।
इस किताब को पढ़ने वाला और इस पर अमल करने वाला हिदायत पा जाएगा, जैसा कि इरशाद रब्बानी है: "हुदन लिन्नास"
 अनुवाद: यह किताब लोगों के लिए हिदायत है।
इस किताब में लोगों की हिदायत का सामान है जिसने इस पर अमल कर लिया वह निजात पा गया उसकी दुनिया और आखिरत दोनों संवर गई। कुरान दिलों में नूर और सुकून भर देता है, कुरान वह नूर है जिसकी रोशनी में दुनिया और आखिरत दोनों का रास्ता देखा जा सकता है, कुरान रूह  को मुअत्तर करता है, कुरान कोई आम किताब जैसी नहीं है यह आपके दुखों को आपकी तकलीफों को स्कैन करती है अल्लाह इस किताब के ज़रिये अपने बंदों से हम कलाम होता है आपको आपकी जिंदगी के मुवाफिक वह आयतें, वह तस्लियां, वह वजाहतें आपके सामने ले आता है कि आप इसमें खो जाते हैं, कभी ऐसा लगता है बस अल्लाह ने यह आयत उतारी ही मेरे लिए है कभी जब आप बहुत परेशान होते हैं आपको कुछ समझ नहीं आ रहा होता आपको तसल्ली की जरूरत होती है और आप कुरान खोल कर बैठ जाते हैं तो आपके सामने वह आयत आ जाती है जिससे अल्लाह आपको तसल्ली दे रहा होता है यह किताब सिर्फ दुनिया की साथी नहीं यह कब्र की भी साथी है कुरान आपकी कब्र में नूर की तरह होगा।
हमें कुरान मजीद को इस तरह पढ़ना चाहिए जैसा कि इसको पढ़ने का हक है कुरान के कुछ हुकूक हैं जिन्हें पूरा करना चाहिए, वह हुकूक यह हैं कि इसे तजवीद के साथ पढ़ा जाए, इसे समझा जाए, इसमें तदब्बुर किया जाए, इसे अपनी जिंदगी में लाया जाए यानी इस पर अमल किया जाए और इसकी तबलीग की जाए। अगर कोई शख्स इस किताब को दुरुस्त अंदाज पर पढ़ेगा जिसमें तदब्बुर भी शामिल हो तो उसे ईमान की हिदायत मिल जाएगी और उसके ईमान में इजाफा और मजबूती पैदा होगी, जितना हो सके कुरान को सीखो, कुरान से अपना ताल्लुक मजबूत बनाए रखो, रोजाना कम से कम एक आयत जरूर सीखो,
कुरान इल्म का वह वसी समंदर है जिसमें आप जितनी गहराई तक गोता लगाएंगे उतने ही कीमती गौहर आपके हिस्से में आएंगे।
कुरान बरकत वाली किताब है कुरान अपने आप में एक मोजिजा है जो अपने पढ़ने और सुनने वाले को अपनी तरफ माइल कर लेता है_
कुरान ऐसी किताब है कि इसको जितनी बार पढ़ोगे वह पुरानी नहीं लगेगी, वह बोरिंग नहीं लगेगी वह हर बार मजीद दिलचस्प लगेगी, हर बार कुछ ना कुछ नया सिखाएगी, समझाएगी।
अल्लाह रब्बुल इज्जत से दुआ है कि अल्लाह हमें कुरान वाला बनाए, कुरान के बताए हुए अहकाम पर चलने वाला बनाए, कुरान को सीखने समझने और इस पर अमल करने वाला बनाए
आमीन या रब्बुल आलमीन 

कुरान मेरी मोहब्बत....... कुरान मेरा सुकून
कुरान मेरी खुशी और कुरान मेरा जुनून

अल कुरान अल हयाती...🤍🌹
बिन्त शहाब✍️