इस्लाम में जिंदगी के हर मरहले को एक نعمت समझा जाता, अगर आप का ताल्लुक दीन इस्लाम से है तो ये ज़रूरी है कि आप अपनी जिंदगी को इस्लामी उसूलों के मुताबिक गुज़ारें
आज हमारे मुआशरे में हमारे मुसलमान भाई बहन बर्थडे को बड़ी धूम धाम से बड़े शोर शराबे के साथ मनाते हैं पटाखे फोड़ कर केक काट के कैंडल जला के बाकायदा पूरे घर की सजावट होती है शादियों की तरह दावतों का एहतिमाम ये सब क्या है? क्या ये सब इस्लामी तरीका है? क्या इस्लाम हमें इन सब चीजों की इजाज़त देता है? किस बात की खुशी मना रहे हैं आप अपने और अपने प्यारों की मौत के करीब होने की खुशी मनाते हैं??? आप को क्या पता कि आज जिस की उम्र बढ़ने की खुशी मना रहे हैं दर असल वो अपनी मौत के और करीब हो चुका है
हो सकता है जिस दिन उसकी यौम पैदाइश हो वही दिन उसकी मौत का दिन भी हो, हो सकता है अल्लाह ने उसी दिन उसकी मौत का वक्त मुतय्यन कर दिया हो अगर उसी दिन वो मर जाए तो क्या करेंगे आप फिर भी खुशी मनाएंगे?? मेरे अजीजों ये खुशी का दिन नहीं है ये एहतिसाब का दिन है शुक्र और इस्तग़फ़ार का दिन है
मेरे प्यारों ये हमारा कल्चर नहीं है ये हमारा तरीका नहीं है हम इस्लाम वाले हैं, हम ईमान वाले हैं, ये गैर इस्लामी तरीका है ये गैरों का तरीका है
अगर आप को बर्थडे मनाना ही है तो अपनी पैदाइश के दिन को नेकियों से भरपूर बनाने की कोशिश करें नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सुन्नत पर अमल करते हुए अपनी पैदाइश के दिन रोज़ा रखें उन की सुन्नत को जिंदा करें और अगर आप एक औरत हैं तो लाज़िम है कि बतौरे शुक्रिया आप उस दिन नबी पाक सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पर कसरत से दरूद भेजें क्योंकि उन्हीं के आने से हमें एक बेहतरीन जिंदगी मिली है उन की आमद से पहले औरत का क्या मकाम व मरतबा क्या इज्जत थी आप इस से बखूबी वाकिफ होंगी
इस दिन सदका व खैरात करें ताकि आप की जिंदगी में आने वाली परेशानियां मुश्किलात को अल्लाह आप से दूर कर दे अपनी इबादतों में इज़ाफ़ा कर दें किसी की मदद कर दें, किसी गरीब को खाना खिला दें, किसी ग़मज़दा इंसान के चेहरे पे मुस्कुराहट बिखेर दें, खैर बांटें इस दिन किसी गुनाह को हमेशा के लिए छोड़ने का इरादा कर लें किसे नेकी को अपनी जिंदगी में लाज़िम करने का मुसम्मम इरादा कर लें
अपनी गुजरी हुई जिंदगी पर जो गुनाहों में गुजरी उस पर तौबा व इस्तग़फ़ार करें जो अय्याम नेकियों में गुज़ारे उन पर अल्लाह का शुक्र अदा करें
अल्लाह ने आप को एक अच्छी जिंदगी अच्छी सेहत ईमान की दौलत से नवाज़ा दीन दार घराने में पैदा किया इस बात पर अल्लाह रब्बुल इज्जत का बे इंतिहा शुक्र अदा करें ना कि उसके अहकाम की खिलाफ वर्जी कर के उसकी नेमतों का इनकार करें और उसको नाराज़ करें
आगे आप की जितनी भी उम्र बची हो दिन महीने हफ्ते साल जो भी दिन बचे हों उसके लिए अल्लाह से खैर की दुआ करें
✍️बिन्त शहाब💫