बेटी घर की ज़ीनत और रौनक है😇٫
बेटी से माता-पिता को जो सुकून और आराम मिलता है बेटों
से उसका तसव्वुर भी नहीं किया जा सकता
जब किसी की बहन होती है तो ज़िंदगी भर उसके साथ
हमदर्दी और खैरख्वाही मामला करती है ❤️
और जब बीवी होती है तो उसके लिए बेहतरीन मोनिस व ग़म गुसार बनती है
और जब माँ बनती है तो रहमत-ए-इलाही का परतो और शफ़क़त व मुहब्बत का म
मुजस्समा पैकर होती है
बेटी न हो तो घर में रौनक नहीं होती
न माता-पिता को बे-लौस खिदमत मिलती
न भाइयों के लिए बहनों का प्यार होता
न मर्दों के लिए कोई मोनिस ग़म गुसार हो
न बच्चों को माँ की ममता मिले
💕 इसलिए बेटी रहमत है💕
अज़क़लम
(आलिया नम्राह कुरैशी)