कृतज्ञता एक नेमत है
जो मखलूक से शुरू होकर ही खालिक तक पहुँचती है। कृतज्ञता की आदत डालें।
कोई इंसान आपका बहुत छोटा सा भी काम करता है तो उसका शुक्रिया ज़रूर अदा करें ताकि फिर आप अल्लाह की हर छोटी बड़ी नेमत पर उसका शुक्र अदा कर सकें।
सब्र और शुक्र का दामन थाम कर रखें।
कोई शख्स ज़रूरत पड़ने पर आपके काम आता है, गोया वो आप पर एहसान करता है और एहसान का बदला सिर्फ एहसान है और अगर हम एहसान का बदला एहसान से नहीं दे सकते तो कम से कम उसका शुक्रिया ही अदा कर दें।
✍️बिन्त शहाब💫