शिकवा नहीं, शुक्र का मिजाज़ बनाइए



हर काम में शिकवे शिकायतों का मिजाज़ भी इंसान को बर्बाद कर देता है और इस चीज़ का मुसलसल तज़किरा ज़ेहनी तौर पर इंसान को मफ़लूज बना देता है।


 

हर काम में खैर के पहलू तलाश करने के आदी बनें, अपना मिजाज़ शुक्र वाला बनाएं। हर वक़्त अल्लाह के इनामों का तज़किरा करते रहें और उन पर बराबर शुक्र करते रहें। 


इस की बरकत से एहसास-ए-कमतरी कम होते होते खत्म हो जाएगा।