*ऐ महिलाओं की जमात...*

*तुम्हारा चाल चलन,*
*तुम्हारा मॉडर्न बनना,*
*तुम्हारा बाल खोल कर चलना,*
*तुम्हारा टखनों से ऊपर ट्राउज़र,*
*तुम्हारा टाइट कपड़े पहनना,*
*तुम्हारा वीडियोज़ बना कर सोशल मीडिया पर डालना*
*तुम्हारा बगैर दुपट्टे के घूमना...*

*सिर्फ़ चार दिन का है* 🍂

*ज़रा सोचो उस वक़्त को जब तुम्हारी बेपर्दगी की वजह से तुम्हारे जिस्म पर जहन्नुम की आग छोड़ दी जाएगी___*
*हर वो हिस्सा जिसे तुम नुमायां करती हो जलाया जाएगा*

*बेशक वो आग बड़ी आफ़त है जो न मारेगी न ज़िंदा छोड़ेगी*

*औरत सफ़ेद चादर होती है...*
*जिस पर पानी के भी दाग़ लग जाते हैं।*