उद्धरण (अंतिम पाप)
वैसे तो कोई पछतावा नहीं
लेकिन मैंने किसी की बेटी को भगा कर शादी की थी
मुझे लगता था मोहब्बत, इज्जत से बड़ी होती है, लेकिन जब
मेरे ससुर ने इस ज़िमन में खुदकुशी की कि उसकी लाडली बेटी ने भाग कर बाप की इज्जत को तार तार किया है '
तो मैं फिर समझ पाया '
इज्जत, मोहब्बत से बड़ी होती है
हम दोनों सोचते हैं 'हम एक दूसरे का पछतावा हैं' लेकिन अंतिम बात यही कि मैं उस लड़की का पछतावा हूं 'दरअसल मैं खुद को उसके बाप का कातिल ख्याल करता हूं '
अब मेरी बेटी आठ साल की है, पार्क में ले के जाऊं तो कहता हूं
बेटा आहिस्ता चलो भागो नहीं, गिर जाओ गी
कहती है, मुझे भागना अच्छा लगता है, मैं भागो गी
(मैं इसका जवाब सुन के डर गया हूं )
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