बहुत आला इबादत है नमाज़ें वक़्त पर पढ़ना
सआदत ही सआदत है नमाज़ें वक़्त पर पढ़ना
ख़ुदा-ए-पाक से आक़ा से इस्लाम व सहाबा से
मुहब्बत की अलामत है नमाज़ें वक़्त पर पढ़ना
गुनाहों से अलग हो कर जो मस्जिद को चला जाए
तो जन्नत की ज़मानत है नमाज़ें वक़्त पर पढ़ना
ये सुस्ती काहिली ग़फ़लत फ़क़त शैताँ की मंशा है
कि शैतान से अदावत है नमाज़ें वक़्त पर पढ़ना
निगाहों की हिफ़ाज़त हो तो खुद महसूस होता है
ये ईमानी हरारत है नमाज़ें वक़्त पर पढ़ना
शह-ए-अबरार की आँखों की ठंडक पर मुसलमानो!
अदा-ए-इस्तिक़ामत है नमाज़ें वक़्त पर पढ़ना
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