`अध्ययन न करने के 100 नुकसान 📖📚`

1. *अज्ञानता में वृद्धि* 
2. *अक्ल का पतन* 
3. *वैचारिक पस्ती* 
4. *भाषा और अभिव्यक्ति की कमजोरी* 
5. *अनुसंधान से दूरी* 
6. *व्यक्तित्व में गैर* *संजीदगी* 
7. *फैसला लेने की कमजोरी* 
8. *दलील से महरूमी* 
9. *कमजोर हाफ़िज़ा* 
10. *गैर संजीदा बातचीत* 
11. *सोचने समझने की क्षमता में कमी* 
12. *रूहानी कमजोरी* 
13. *दीनी चेतना की कमी* 
14. *सुन्नत व सीरत से ला-इल्मी* 
15. *सतही मानसिकता* 
16. *जज़्बाती असंतुलन* 
17. *नकारात्मक सोच का ग़लबा* 
18. *बातिल विचारों का शिकार* 
19. *दुनिया के फ़रेब में खो जाना* 
20. *ज़िंदगी का मक़सद भूल जाना* 
21. *ज़ियाए वक़्त* 
22. *सुस्ती व काहिली* 
23. *तन्हाई में बेचैनी* 
24. *बे मक़सद बातचीत* 
25. *तख़य्युल की मौत* 
26. *दिल की सख़्ती* 
27. *फ़िर्का वारियत का शिकार* 
28. *व्यक्तित्व में झिझक* 
29. *शुकूक व शुबहआत में इज़ाफ़ा* 
30. *वैचारिक ग़ुलामी* 
31. *फ़ितनों का शिकार होना* 
32. *दीन से दूरी* 
33. *निफ़ाक़ की अलामात* 
34. *हक़ व बातिल में तमीज़ का फ़ुक़दान* 
35. *इल्म दुश्मनी* 
36. *जाहिलाना अंदाज़* 
37. *तअस्सुब में शिद्दत* 
38. *सवालात का सामना न कर पाना* 
39. *अक़ली मुग़ालते* 
40. *खुद एतमादी में कमी* 
41. *इंसानियत से बे-ख़बरी* 
42. *दलाइल से ख़ाली बातें* 
43. *इस्लाह से नफ़रत* 
44. *इल्मी जुर्रत का फ़ुक़दान*
45. *गुफ़्तगू में बदतमीज़ी*
46. *राय ज़नी में जल्द बाज़ी*
47. *मुआशरे में मंफ़ी किरदार*
48. *व्यक्तित्व का बिखराव*
49. *तामीरी सोच का फ़ुक़दान*
50. *नसीहत का असर न होना*
51. *बात बात पर ग़ुस्सा*
52. *दीन का महदूद तसव्वुर*
53. *हदीस व क़ुरआन से ना-आश्नाई*
54. *सचाई से फ़रार*
55. *किब्र व ग़ुरूर का ग़लबा*
56. *ज़ाहिरी नुमूदो नुमाइश*
57. *शऊर की कमी*
58. *फ़िक्र व तदब्बुर से महरूमी*
59. *दीनी मामलात में जहालत*
60. *इल्म दुश्मन तबक़े की पैरवी*
61. *किताबों से बे-रुख़ी*
62. *हक़ के ख़िलाफ़ बोलना*
63. *तक़लीदी ज़ेहन*
64. *ग़लत फ़तवों का शिकार*
65. *वक़्त की क़द्र का फ़ुक़दान*
66. *वालिदैन व असातज़ा से बदतमीज़ी*
67. *खुद साख़्ता दीन*
68. *ख़्वाब व ख़याल में रहना*
69. *इल्मी मजालिस से दूरी*
70. *क़ुरआन से उन्स न होना*
71. *व्यक्तित्व का बुहरान*
72. *दलाइल के बग़ैर राय देना*
73. *तबलीग़ में कमजोरी*
74. *क़ौम की पस्ती का हिस्सा बनना*
75. *उम्मत की फ़िक्र न होना*
76. *खुद ग़र्ज़ी*
77. *तामीरी तनक़ीद से दूरी*
78. *तालीम दुश्मन सोच*
79. *बे मक़सद ज़िंदगी*
80. *मुआशरती ज़वाल*
81. *बच्चों की ग़लत तरबियत*
82. *उस्ताद से ताल्लुक़ की कमजोरी*
83. *एहसास-ए-बर्तरी या कमतरी*
84. *मुआशरती तनाव*
85. *झूठ का सहारा*
86. *अफ़वाहों पर यक़ीन*
87. *सुनी सुनाई बातों का प्रचार*
88. *इल्मी जराइम*
89. *क़ौम की तरक़्क़ी में रुकावट*
90. *इबादत में बे-दिली*
91. *अक़ाइद की ख़राबी*
92. *व्यक्तित्व में नापुख़्तगी*
93. *फ़िक्री इंतिशार*
94. *फ़हशी व उर्यानी की तरफ़ मेलान*
95. *नज़रियाती कमजोरी*
96. *इनफ़िरादी व इज्तिमाई नुक़सान*
97. *वक़्त का ज़िया*
98. *नफ़्स परस्ती*
99. *हक़ से दूरी*
100. *इंसान “इंसान” नहीं रहता।*
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मोहम्मद साजिद क़ासमी