इंसानियत की खूबसूरत मिसाल: ओमान में मदरसे ने मुश्किल वक्त में खुशबू भारती के बच्चों को शिक्षा दी
ओमान: खुशबू भारती, जो पेशे से एक ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखती हैं, इंसानियत और आपसी सम्मान की एक मुतास्सिरकुन मिसाल बनकर सामने आई हैं। खुशबू के मुताबिक वो सितंबर के महीने में अपने खानदान के साथ ओमान पहुंचीं, जहां हालात इस कदर खराब थे कि पैसे खत्म हो चुके थे और किसी भी स्कूल में बच्चों का दाखिला मुमकिन नहीं हो पा रहा था।
ऐसे कठिन वक्त में एक मदरसे ने आगे बढ़कर खुशबू के दो बेटों को न सिर्फ शिक्षा दी बल्कि हर मुमकिन मदद भी फराहम की। खुशबू का कहना है कि इस मदद ने उनके बच्चों का तालीमी साल बचा लिया और उन्हें एक नई उम्मीद मिली।
यह वाकिया इस बात की वाजेह मिसाल है कि इंसानियत, मजहब और जात पात से बालातर होकर एक दूसरे की मदद का नाम है। सोशल मीडिया पर भी इस खबर को खूब सराहा जा रहा है म देता है कि मुश्किल वक्त में हाथ बढ़ाना ही असल इंसानियत है।।इस मोहम्मद साजिद कासमी
ओमान: खुशबू भारती, जो पेशे से एक ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखती हैं, इंसानियत और आपसी सम्मान की एक मुतास्सिरकुन मिसाल बनकर सामने आई हैं। खुशबू के मुताबिक वो सितंबर के महीने में अपने खानदान के साथ ओमान पहुंचीं, जहां हालात इस कदर खराब थे कि पैसे खत्म हो चुके थे और किसी भी स्कूल में बच्चों का दाखिला मुमकिन नहीं हो पा रहा था।
ऐसे कठिन वक्त में एक मदरसे ने आगे बढ़कर खुशबू के दो बेटों को न सिर्फ शिक्षा दी बल्कि हर मुमकिन मदद भी फराहम की। खुशबू का कहना है कि इस मदद ने उनके बच्चों का तालीमी साल बचा लिया और उन्हें एक नई उम्मीद मिली।
यह वाकिया इस बात की वाजेह मिसाल है कि इंसानियत, मजहब और जात पात से बालातर होकर एक दूसरे की मदद का नाम है। सोशल मीडिया पर भी इस खबर को खूब सराहा जा रहा है म देता है कि मुश्किल वक्त में हाथ बढ़ाना ही असल इंसानियत है।।इस मोहम्मद साजिद कासमी