वक़्त अल्लाह ताला की एक अज़ीम नेमत है। जो शख्स
वक़्त की क़द्र करता है वो ज़िन्दगी में कामयाब होता है।
वक़्त एक बार गुज़र जाए तो दोबारा वापस नहीं आता, इसलिए हमें हर लम्हा नेकी, इल्म और मेहनत में गुज़ारना चाहिए।
सुस्ती और ग़फ़लत इंसान को पीछे की तरफ़ धकेल
देती है
जबकि मेहनत और निज़्म-ओ-ज़ब्त तरक़्क़ी की राह हमवार करते हैं।
जो क़ौमें वक़्त की अहमियत को समझती हैं वही दुनिया में मक़ाम हासिल करती हैं।
इसलिए हमें चाहिए कि वक़्त को ज़ाया करने के बजाए इसे क़ीमती सरमाया समझें।
अहमद ज़करिया आसामी ✍️✍️