हे ईमान वालो, अपने ईमान की हिफाज़त की फ़िक्र करें 🍂
     ईमान
यह एक कीमती मताअ है 
यह ऐसी गिरां
 माया शय है जो इंसान के जान, माल 
इज्ज़त आबरू 
ज़मीन और आसमान और इसके दरमियान के तमाम चीज़ों से बेहतरीन अगर कोई चीज़ है तो वो ईमान है 

अपने अक़ाइद को दुरुस्त करना इतना ज़रूरी है जितना मर्ज़ से सेहत के लिए इलाज ज़रूरी है 

अक़ाइद का मामला यह दुनिया और आखिरत दोनों जहां के संवारने या बिगाड़ने का मामला है 


अक़ाइद दुरुस्त होंगे तो आखिरत बहरहाल कामयाब हो जाएगी 
और अगर खुदा न खास्ता एक अक़ीदा भी ख़राब हुआ तो दुनिया और आखिरत दोनों बर्बाद हो जाएगी 

दिल की एक रग काम करना बंद कर दे तो इंसान की मौत के लिए काफी है बईना इसी तरह एक अक़ीदा का नादुरुस्त होना यह इंसान की दोनों जहां की मौत के लिए काफी है 

दुनिया की मौत।       
!!
दुनिया की मौत कि इसकी रूह की मौत है ख्वाह जिस्म  कितना क़वी और मज़बूत हो 
और आखिरत की मौत तो ज़ाहिर है