عنوان: इस्लाम में सात दिनों की फ़ज़ीलत


1. हफ़्ता

हफ़्ता आम दिनों में से एक दिन है। इस दिन भी नेक आमाल, इबादत और ज़िक्र व अज़कार करना बाइस-ए-अजर है।

2. इतवार

इतवार भी आम दिन है, इस दिन भी मुसलमान को नेक काम, इबादत, तिलावत-ए-क़ुरान और दुआ में वक़्त गुज़ारना चाहिए।

3. सोमवार

सोमवार को ख़ास फ़ज़ीलत हासिल है। हदीस के मुताबिक़ नबी करीम ﷺ इस दिन रोज़ा रखा करते थे क्योंकि इसी दिन आप ﷺ की विलादत हुई और इसी दिन आप ﷺ पर वहि नाज़िल होना शुरू हुई।

4. मंगल

मंगल भी आम दिनों में शुमार होता है, इस दिन भी इबादत, नेकी और अच्छे काम करने की तरग़ीब दी गई है।

5. बुध

बुध के दिन भी मुसलमान को नेक आमाल, सदक़ा, दुआ और इबादत में मसरूफ़ रहना चाहिए।

6. जुमेरात

जुमेरात के दिन आमाल अल्लाह तआला के हुज़ूर पेश किए जाते हैं, इसलिए नबी करीम ﷺ इस दिन रोज़ा रखना पसंद फ़रमाते थे।

7. जुमा

जुमा सब से अफ़ज़ल दिन है। इस दिन की बहुत ज़्यादा फ़ज़ीलत है।

इस दिन हज़रत आदमؑ की पैदाइश हुई।

इसी दिन क़यामत क़ायम होगी।

जुमा के दिन एक ख़ास वक़्त ऐसा होता है जिस में दुआ क़बूल होती है।

इस दिन मुसलमानों पर नमाज़-ए-जुमा फ़र्ज़ है।


नतीजा:
इस्लाम में हर दिन अल्लाह की इबादत और नेकी के लिए है, लेकिन जुमा का दिन सब से ज़्यादा बाबरकत और अफ़ज़ल माना जाता है ـ

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