कुछ लोग कहते हैं अल्लाह के यहाँ देर है अंधेर नहीं 
हम कहते हैं अल्लाह ताला के यहाँ न देर है और न ही अंधेर है
बस हर चीज़ का एक मुक़र्रर वक़्त है
एक निज़ाम है 
सब्र करे और शुक्र करे
अपने आप को हौसला दे 
जब ज़िंदगी मुश्किल लगने लगे तो हार मानने के
 बजाए खुद को याद दिलाओ कि
अल्लाह ने तुम्हें कमज़ोर नहीं बनाया।
रास्ते मुश्किल हो सकते हैं,
लोग साथ छोड़ सकते हैं,
और हालात तुम्हें आज़मा सकते हैं…
कभी ऐसा भी होगा कि तुम्हारी मेहनत का सिला फौरन नहीं मिलेगा,
तुम्हारी नीयत को गलत समझा जाएगा,
और तुम्हारी खामोशी को कमजोरी समझ लिया जाएगा।
कुछ लम्हे ऐसे आएंगे जब दिल थक जाएगा,
आँखें नम हो जाएंगी,
और यूं लगेगा जैसे सब रास्ते बंद हो गए हों।
मगर याद रखो…
जो शख्स अपने रब पर यकीन रखता है वह कभी टूटता नहीं।
क्योंकि उसे मालूम होता है कि उसका रब हर हाल देख रहा है,
हर आंसू गिन रहा है,
और हर सब्र का बेहतरीन बदला देने वाला है।
अल्लाह कभी अपने बंदे को बेसहारा नहीं छोड़ता,
वह आज़माता जरूर है मगर तन्हा नहीं छोड़ता।
वह देर जरूर करता है मगर मायूस नहीं करता।
हर रात के बाद सुबह जरूर आती है,
और हर मुश्किल के बाद आसानी भी।
आंधियां चाहे कितनी ही तेज क्यों न हों,
मजबूत दरख्त अपनी जड़ों की वजह से कायम रहते हैं।
बस तुम भी अपने ईमान को मजबूत रखो,
अपने रब से उम्मीद का दामन मत छोड़ो,
और कदम बढ़ाते रहो।
क्योंकि कभी कभी अल्लाह तुम्हें वहां तक पहुंचाने के लिए
मुश्किल रास्तों से गुजार देता है
जहां तुम्हारी दुआ तुम्हें ले जाना चाहती थी।
बस चलते रहो…
हिम्मत मत हारो,
मायूसी को अपने दिल में जगह मत दो।
क्योंकि अल्लाह उन लोगों को कभी खाली नहीं लौटाता
जो सब्र करते हैं
जो शुक्र करते हैं
और उम्मीद के साथ
अपने रब पर भरोसा रखते हैं।
और याद रखो…
आज की आज़माइश ही कल की कामयाबी की बुनियाद बनती है। 
आयशा ❤