एक एतराज़ खाविंद का रुख़ बाहर क्यों
इस तहरीर पे तवज्जो दो तो रुख़ बदल जाएगा
इंशाअल्लाह
क्लासिक अंदाज़:
"अदाएं कातिल, निगाहें फितना, अपने शौहर के लिए सजना संवरना अदाएं दिखाना चबलना इतराना इबादत से कम नहीं।"
शरारती लहजा:
"मोबाइल और टीवी से तवज्जो हटानी है? तो फिर थोड़ा सा जादू, थोड़ी सी शरारत और वो कातिल लुक तो बनती है ना!
हकीकत पसंदाना:
"मर्द की नज़रें बाहर नहीं भटकेंगी, अगर घर का आंगन अपनी अदाओं से महका हुआ हो। इसे अपना
दीवाना बनाए रखना भी एक आर्ट है।"
रोमांटवी
"बिखरे बाल, हल्की सी खुशबू और आंखों में शरारत... यकीन मानें, आप का हिसार उसके लिए दुनिया की सब से महफूज़ जगह बन जाएगा।"
मुख्तसर मगर पुर असर:
"बीवी का थोड़ा सा 'टीज़' करना, शौहर को हमेशा के लिए अपना असीर करना है।"
वजह हासिल करने वाला:
"औरत का असल ज़ेवर सोना नहीं, वो अंदाज़ है जो उसके मर्द को उसका गुरुविदा बना दे।"
बेहतरीन मशवरा:
"बाहर जाने के लिए तो सब संवरते हैं, कभी घर में भी 'Dangerously Romantic' बन कर तो देखें।"
तीखा अंदाज़:
"शौहर को काबू करने का तावीज़ नहीं, अपनी अदाओं का जादू चलाएं। नतीजा 100% गारंटीड!"
एहसास-ए-मोहब्बत:
"मोहब्बत सिर्फ लफ़्ज़ों से नहीं, नज़रों से भी होती है। अपने आप को उसके लिए 'नाकाबिल-ए-मुज़ाहमत' बनाएं।"
दिलकश बात:
"वो खास मुस्कराहट और नाज़ुक से अंदाज़... यही तो हैं वो डोरियां जो मर्द को घर से जोड़े रखती हैं।"
गहरा फलसफा:
"रिश्ता बोरिंग नहीं होता, हम इसे बोरिंग बना देते हैं। थोड़ा सा 'Killer Look' आजमाएं और फर्क देखें।"
शायरी का तड़का:
"तेरी अदाओं का जादू जब सर चढ़ कर बोलेगा, तो फिर वो मोबाइल क्या, दुनिया ही भूल जाएगा।"
जदीद अंदाज़:
"बी पेट्रोल (Be Petrol) नहीं, बल्कि वो चिंगारी बनें जो रिश्ते में दोबारा आग लगा दे।"
मीठी शरारत:
"थोड़ा सा नाज़, थोड़ा सा अंदाज़... शौहर के लिए यही है जिंदगी का असल राज़।"
घर में चुड़ैलों की तरह रहोगी तो मर्द बाहर का ही रुख़ करेंगे
हूर बन के रहो हूर मेरी बहन फिर देखना घर जन्नत ना बन जाए तो कहना
प्यारी सी नसीहत है ये:
"अपने शौहर के लिए वैसे ही तैयार हों जैसे आप नई नवेली दुल्हन बन के इस घर में आई थी, फिर देखें जिंदगी कैसे गुलज़ार होती है।"
आयशा ❤