कुछ साल पहले की बात है हम बाज़ार गये हुए थे वापसी पे भाई ने हम से कुछ पैसे मांगे और यह कह कर कहीं चला गया कि एक काम है आता हूँ अभी मुझे लगा शायद कुछ लेने गया हो... जब वह वापस आया फिर हम वहाँ से घर के लिए निकल गये रास्ते में उस ने बताया कि वह पैसे उस ने किसी काम के लिए नहीं बल्कि किसी की मदद के लिए लिया था उसे एक ऐसे शख्स मिले जिन का पर्स कहीं गिर गया था और उन के पास घर जाने को पैसे नहीं थे तो उन्होंने भाई से कुछ पैसे मांगते हुए यह बताया कि मांगते हुए शर्मिंदगी हो रही है लेकिन मजबूरी में यह करना पड़ रहा है घर जाने के लिए पैसे नहीं हैं और न ही पास में मोबाइल.....
कई लोगों से मदद मांगी लेकिन किसी ने मेरी परेशानी को नहीं समझा और मदद करने से इनकार कर दिया_
जब भाई ने यह बात हमें बताई तो आँखों में खुशी के आंसू थे और दिल रब का शुक्र अदा कर रहा था कि मेरा भाई एक खिदमत ए खल्क का जज़्बा रखने वाला इंसान है उस ने उस इंसान की परेशानी को समझा उस वक्त उस के पास पैसे मौजूद नहीं थे तो उस ने हम से बगैर कुछ बताए बस खामोशी से पैसे ले कर उस इंसान की मदद की!!
हालांकि यह मदद तो चंद पैसों की थी लेकिन बात ज्यादा या कम कि नहीं बात नीयत और खुलोस दिल के साथ की जाने वाली मदद की है, जज़्ब-ए-हमदर्दी रखने की है, इंसान के अंदर हमदर्दी, गमगुसारी का जज़्बा होना चाहिए!
और इस चीज का भी ख्याल रखना चाहिए कि इस तरह किसी की मदद करते हुए उस के चेहरे की जानिब कभी न देखो कि उस की शर्मिंदा आँखें और झुक जाएं और यह भी खतरा है कि उस की झुकी हुई नज़रें कहीं आप को तकब्बुर में मुब्तला न कर दें!!
और वह तकरीबन शाम असर से मगरिब का दरमियानी वक्त था सोचिए..! अगर रात तक कोई मदद करने वाला न मिलता तो उन के अहल ए खाना उन के घर न पहुंचने पर कितने परेशान होते.... ?
इस कहानी को बयान करने का मकसद रियाकारी हरगिज़ नहीं है
इस कहानी को बयान करने का मकसद यह बताना है कि सिर्फ पेशवा भिखारी ही ज़रूरतमंद नहीं होता कभी कभी अच्छे भले लोगों को भी आप की मदद की सख्त ज़रूरत होती है, और अगर अल्लाह आप को ऐसे लोगों से मिला दे तो यह समझिए कि अल्लाह आप से कुछ नेकियाँ करवाना चाह रहा है आप अल्लाह को महबूब हैं तब अल्लाह ने आप को ऐसे लोगों से मिलाया है ताकि आप यह नेकी कमाएं और अपने नामा-ए-आमाल में अजर ओ सवाब को बढ़ा लें_
हमदर्दी का जज़्बा रखें और मुस्तहिक अफराद की मदद कर दिया करें हो सकता है किसी दिन आप भी ऐसी ही परेशानी में मुब्तला हो जाएं और अगर उस वक्त कोई आप की मदद करने वाला न मिले तो क्या करेंगे आप कैसा लगेगा आप को...??
अल्लाह से दुआ है अल्लाह मेरे भाई की इस छोटी सी नेकी का उसे बड़ा अजर अता करे उस की जिंदगी से परेशानियों को दूर करे उस की जायज़ ख्वाहिशात को पाया-ए-तकमील तक पहुंचाए
आमीन या रब्बुल आलमीन 🤲
💫बनत शहाब✍🏻