✍🏻अगर आपके अधिकार को सीमित कर दिया जाए तो आप
की योग्यताओं की कीमत भी खत्म हो जाती है।
योग्यता तभी असर रखती है 🌟जब आपको इसे प्रयोग में लाने का पूरा अधिकार प्राप्त हो।
वरना सबसे ज्यादा हुनरमंद इंसान भी, अगर उसके हाथ बांध दिए जाएं, तो उसका ज्ञान व हुनर महज एक बेकार खजाना बनकर रह जाता है।
योग्यता और अधिकार का रिश्ता शरीर और आत्मा की❄️
तरह है, दोनों में से कोई एक न हो तो दूसरा बेमानी हो जाता है।
कामयाब निजाम वही होता है जो योग्य व्यक्तियों को अधिकार दे कर उनकी योग्यता का बेहतरीन इस्तेमाल करे।
जो संस्थाएं या संगठन सिर्फ नियंत्रण को तरजीह देते हैं, वह आखिरकार अपने ही हुनरमंदों को बेकार कर देते हैं।
जो काम सदा-ए-कलम सर अंजाम दे रहा है
कलम आपका सफ़े उम्मत के सामने
इसलिए बेहतर होगा और बहुत ही बेहतर होगा कि कलम और मोबाइल का सही इस्तेमाल हो
शुक्रिया सदा-ए-कलम