दुनिया की रंगरलियों में खोकर हमने अपना सुकून ही बर्बाद कर लिया है। अल्लाह ताला ने हमें इस दुनिया में क्यों भेजा है, आज हम वो भूल चुके हैं। हमें लगता है कि हम इस दुनिया में बड़ा नाम, बड़ा सारा स्टेटस, बड़ा बंगला, बड़ी गाड़ी, बीवी बच्चे, बड़े ओहदे इन सब के लिए अल्लाह ने हमें पैदा किया है, तो सबसे बड़ी गलती यही है कि हम अपने मकसद को भुलाकर इन चीज़ों में खो गए हैं। ये चीज़ें बेशक हमारे लिए ज़रूरी हैं लेकिन ज़रूरत की हद तक। हम देखते हैं न जब तक कश्ती पानी के ऊपर चल रही होती है तो वो बिल्कुल सही चलती है, जब पानी कश्ती के अंदर चला जाता है तो वो कश्ती डुबो देता है...
इसी तरह जब हमारे अंदर दुनियावी चीज़ों की मोहब्बत हद से ज़्यादा उतर जाए तो हमारी ज़िन्दगी तल्ख़ हो जाती है।
हमारा दुनिया में आने का मकसद अल्लाह ताला को राज़ी करना है, इस दिल में अल्लाह की मोहब्बत लिए कर उसको राज़ी करना है...
अज़कलम
ज़करी परवेज़
इसी तरह जब हमारे अंदर दुनियावी चीज़ों की मोहब्बत हद से ज़्यादा उतर जाए तो हमारी ज़िन्दगी तल्ख़ हो जाती है।
हमारा दुनिया में आने का मकसद अल्लाह ताला को राज़ी करना है, इस दिल में अल्लाह की मोहब्बत लिए कर उसको राज़ी करना है...
अज़कलम
ज़करी परवेज़