आरिफ़ बिल्लाह हज़रत मौलाना मुफ़्ती अबुल कासिम नोमानी साहिब मोहतिमम व शेख़ अल-हदीस दारुल उलूम देवबंद ने एक कीमती नसीहत फ़रमाई है। معاشرتی जिंदगी और अपने मुवाफ़िक़ व मुख़ालिफ़ के साथ सुलूक बरतने का एक उम्दा तहरीर जारी की है,

इरशाद फ़रमाया कि:      अल-सादिक़ व अल-मसदूक़ मुहम्मद अरबी सल्लल्लाहु अलैहि व आलेही व सल्लम ने फ़रमाया कि: احبب حبيبك ه‍ونا ما عسى ان يكون  بغيضك يوم ما ، وابغض بغيضك ه‍ونا ما عسى ان يكون حبيبك هونا ما 

इरशाद फ़रमाया कि अपने दोस्त से दोस्ती संभल कर करो, हो सकता है कि वह एक दिन दुश्मन बन जाए, और दुश्मन से दुश्मनी भी संभल कर करो हो सकता है कि एक दिन वह तुम्हारा दोस्त बन जाए, 
यानी दोस्ती और दुश्मनी एतदाल में रह कर करो,