[[IMG_TOKEN_1]] सच्ची मोहब्बत ___!!

सऊदी अरब के एक शख्स ने किसी फिलिपिनी औरत से छुप कर शादी की क्योंकि वो पहले ही शादीशुदा था और पहली बीवी के साथ औलाद भी थीं, जब उस शख्स को बीमारी लागु हुई तो उसने अपने पहले बीवी के साथ जो औलाद थीं उनको वसीयत के लिए जमा किया और उनमें से अपने बड़े बेटे को बताया ।। "बेटा मैंने छुप के किसी फिलिपिनी औरत से भी शादी की हुई है। मेरे बाद उनका ख्याल रखना और विरासत में उनको भी हक़ देना और साथ ही उनका मुकम्मल पता भी दिया जहां वो रहती थी, कुछ दिन बाद वो शख्स वफ़ात पा गया तो उनके बेटे क़ाज़ी के पास गए और पूरी तफ़्सीलात बता दी, क़ाज़ी ने फैसला रुकवा दिया और ये हुक्म दिया कि फिलिपिनी औरत को भी यहां पेश करें तो बड़ा बेटा अपने वालिद मरहूम के दिए हुए एड्रेस के मुताबिक फिलिपीन पहुंचा बड़ी मुश्किल से उस गली में पहुंचा जहां वो रहती थी ۔۔۔ !!
दूसरी तरफ वो औरत जो उसके वालिद की ज़ौजा थी उन्हें देख कर ही बता दिया, "मैं वही औरत हूँ जिस को तू तलाश कर रहा है और मुझ तक ये खबर भी पहुंची है कि मेरे शौहर का इंतकाल हो गया है।" तो बेटे ने भी सारी तफ़्सीलात बता दी और उनको सऊदीया की तरफ सफर के लिए कायल किया और अपनी दूसरी मां को लेकर सऊदी पहुंचे और सीधा क़ाज़ी के पास गए तो उस औरत के हिस्से में 8 लाख रियाल आया (जो हिन्दुस्तानी रुपयों में तकरीबन 2 करोड़ 16 लाख के लगभग बनते हैं) और साथ ही क़ाज़ी ने हुक्म दिया उनको उमरा की अदायगी के बाद फिलिपीन रवाना किया जाए बड़े बेटे ने ऐसा ही किया।
इसके वाक़िया के ठीक चार साल बाद बड़ा बेटा फिलिपीन अपने दूसरी मां से मिलने और हाल अहवाल पूछने की ग़रज़ से गया तो वहां पहुंच कर उसको बहुत ताज्जुब हुआ और उससे कहा मां जी आपको इतनी बड़ी रक़म विरासत मिलने के बावजूद वही पुराने खस्ता हाल मकान में रह रही है? मां जी इसका हाथ पकड़ कर एक जगह पर ले गईं जहां एक बड़ा इस्लामी इदारा कायम था, वहां हिफ्ज़ अल कुरान का शोबा भी था और यतीम खाना भी, मां जी ने कहा "बेटा सर उठा कर इदारे के बोर्ड की तरफ देखना ۔۔۔ बोर्ड देख कर बेटे की आँखों में आंसू उमड़ आ गए क्यों कि बोर्ड पर उनके वालिद का नाम लिखा हुआ था, इस नेक सिफ़त औरत ने कहा "मैंने ये इदारा अपने विरासत के पैसे से बनाया है और अपने शौहर के नाम पर वक़्फ़ किया है। ताकि उनको इस इदारे की वजह से सवाब मिलता रहे" ये थी सच्ची मोहब्बत वरना इस पैसे से वो एक आली शान बंगला भी बना सकती थी पर उन्होंने सोचा मोहब्बत के मुकाबले में आली शान बंगला की क्या हैसियत बंगला तो आरज़ी चीज़ है अलबत्ता ये इस्लामी इदारा उनको और उनके शौहर को आखिरत में काम आएगा।                [[IMG_TOKEN_2]] सच्ची मोहब्बत ___!!

सऊदी अरब के एक शख्स ने किसी फिलिपिनी औरत से छुप कर शादी की क्योंकि वो पहले ही शादीशुदा था और पहली बीवी के साथ औलाद भी थीं, जब उस शख्स को बीमारी लागु हुई तो उसने अपने पहले बीवी के साथ जो औलाद थीं उनको वसीयत के लिए जमा किया और उनमें से अपने बड़े बेटे को बताया ।। "बेटा मैंने छुप के किसी फिलिपिनी औरत से भी शादी की हुई है। मेरे बाद उनका ख्याल रखना और विरासत में उनको भी हक़ देना और साथ ही उनका मुकम्मल पता भी दिया जहां वो रहती थी, कुछ दिन बाद वो शख्स वफ़ात पा गया तो उनके बेटे क़ाज़ी के पास गए और पूरी तफ़्सीलात बता दी, क़ाज़ी ने फैसला रुकवा दिया और ये हुक्म दिया कि फिलिपिनी औरत को भी यहां पेश करें तो बड़ा बेटा अपने वालिद मरहूम के दिए हुए एड्रेस के मुताबिक फिलिपीन पहुंचा बड़ी मुश्किल से उस गली में पहुंचा जहां वो रहती थी ۔۔۔ !!
दूसरी तरफ वो औरत जो उसके वालिद की ज़ौजा थी उन्हें देख कर ही बता दिया, "मैं वही औरत हूँ जिस को तू तलाश कर रहा है और मुझ तक ये खबर भी पहुंची है कि मेरे शौहर का इंतकाल हो गया है।" तो बेटे ने भी सारी तफ़्सीलात बता दी और उनको सऊदीया की तरफ सफर के लिए कायल किया और अपनी दूसरी मां को लेकर सऊदी पहुंचे और सीधा क़ाज़ी के पास गए तो उस औरत के हिस्से में 8 लाख रियाल आया (जो हिन्दुस्तानी रुपयों में तकरीबन 2 करोड़ 16 लाख के लगभग बनते हैं) और साथ ही क़ाज़ी ने हुक्म दिया उनको उमरा की अदायगी के बाद फिलिपीन रवाना किया जाए बड़े बेटे ने ऐसा ही किया।
इसके वाक़िया के ठीक चार साल बाद बड़ा बेटा फिलिपीन अपने दूसरी मां से मिलने और हाल अहवाल पूछने की ग़रज़ से गया तो वहां पहुंच कर उसको बहुत ताज्जुब हुआ और उससे कहा मां जी आपको इतनी बड़ी रक़म विरासत मिलने के बावजूद वही पुराने खस्ता हाल मकान में रह रही है? मां जी इसका हाथ पकड़ कर एक जगह पर ले गईं जहां एक बड़ा इस्लामी इदारा कायम था, वहां हिफ्ज़ अल कुरान का शोबा भी था और यतीम खाना भी, मां जी ने कहा "बेटा सर उठा कर इदारे के बोर्ड की तरफ देखना ۔۔۔ बोर्ड देख कर बेटे की आँखों में आंसू उमड़ आ गए क्यों कि बोर्ड पर उनके वालिद का नाम लिखा हुआ था, इस नेक सिफ़त औरत ने कहा "मैंने ये इदारा अपने विरासत के पैसे से बनाया है और अपने शौहर के नाम पर वक़्फ़ किया है। ताकि उनको इस इदारे की वजह से सवाब मिलता रहे" ये थी सच्ची मोहब्बत वरना इस पैसे से वो एक आली शान बंगला भी बना सकती थी पर उन्होंने सोचा मोहब्बत के मुकाबले में आली शान बंगला की क्या हैसियत बंगला तो आरज़ी चीज़ है अलबत्ता ये इस्लामी इदारा उनको और उनके शौहर को आखिरत में काम आएगा।