कह दो, वह अल्लाह एक है, अल्लाह बेनियाज़ है, न उसने किसी को जना और न वह जना गया, और न कोई उसके बराबर है,
बता दीजिए, कि वह अल्लाह एक है, वह अल्लाह किसी का मोहताज नहीं सब उसके मोहताज हैं, न किसी का बाप है और न बेटा, और उसके जोड़ का कोई नहीं है,

यह सूरह निहायत ही जामे सूरह है, इस सूरह में बड़ी फ़ज़ीलत है, और इसे सुल्स कुरान कहा गया है, यह सूरह बाज़ उन काफ़िरों के जवाब में है जिन्होंने अल्लाह तआला के लिए हसब व नसब का सवाल किया था,
 पहली आयत में उन लोगों का जवाब है जो लोग मुतअद्दिद खुदाओं के कायल हैं, दूसरी आयत में उनका जवाब है जो हाजत रवा और मुश्किल कुशा होने में अल्लाह के साथ दूसरों को शरीक करते हैं, तीसरी आयत में उनका जवाब है जो अल्लाह के लिए हसब व नसब और बेटा मानते  हैं, चौथी आयत में उनका जवाब है जो किसी भी हैसियत से मुख्तलिफ माबूदों को अल्लाह के बराबर ठहराते,