इस दुनिया में हर शख्स बेवफा है 
कोई भी किसी के साथ मुखलिस नहीं 
चाहे दोस्त हो
या फिर
रिश्तेदार हों 
बाज़ औकात इंसान
दूसरों से बड़ी बड़ी
उम्मीदें वाबस्ता कर लेता है
मज़कूरह शख्स इन उम्मीदों पर पूरा नहीं उतरता 
तो बड़ा परेशान होता है 
गमगीन रहता है 
मौलाना अशरफ अली थानवी रहमतुल्लाह अलैह ने 
क्या ही खूब फरमाया 
"लोगों से उम्मीदें वाबस्ता मत रखो, इससे दिल टूटता है। जब तुम तवक्कोआत छोड़ दोगे तो अगर कोई मामूली सा भी सुलूक अच्छा कर देगा तो वो तुम्हें बहुत बड़ी ख़ुशी देगा।"
यकीन जानिए आप इसे आज़मा कर तो देखें 
सुकून ही सुकून महसूस होगा 
इंशा अल्लाह 




बकलम 
तूफ़ान अहमरी