आज हमास के शहज़ादे
सीनियर नेता
ख़ालिद मशाल
से पत्रकार ने इंटरव्यू लिया
तो उन्होंने ईरान के बारे में
सवाल किया
कि ईरान बिना किसी वजह
और क़ीमत के आपकी हिमायत करता है?
तो उन्होंने जवाब दिया कि
नहीं बिल्कुल नहीं
ईरान बिना किसी वजह के
हिमायत नहीं कर रहा
इसकी वजह है
ईरान की हिमायत की दो वजहें हैं
और बदले में दो फ़ायदे लेते हैं
ईरान जब हमारी हिमायत करता है
तो इस का सुन्नी अरब मुसलमानों के यहां
इमेज अच्छा होता है
फ़िलिस्तीन के नाम पर सुन्नी मुसलमानों
की हिमायत हासिल करके
इसकी तस्वीर दुनिया में अच्छी जाती है
दूसरी ये है कि
ताकि ईरान मग़रिब व यूरोप से कह सके
कि मेरा ताल्लुक़ फ़िलिस्तीन के साथ मज़बूत है
कोई भी मामला हो तो
मुझे बात चीत में शामिल करो
ये अल्फ़ाज़ ख़ालिद मशाल के हैं
जो कि हमास के सीनियर नेता हैं
मेरा ख़याल है कि
ईरान अपनी सरहदों को बढ़ाना चाहता है
और इस्राईल, ग्रेटर इस्राईल के ख़्वाब देखता है
बहरहाल ईरान ने जो हाल
शाम के अरब सुन्नी मुसलमान का किया है
वो किसी से ढका छुपा नहीं है
मज़ीद अगर आप ईरान की कारस्तानियां पढ़ना
चाहते हैं तो आप
"अफ़सोसनाक सूरत-ए-हाल और ख़ामनाई की हिमायत "
मैंने लिखा था
आप इसका मुताला करें
इंशा अल्लाह काफ़ी हद तक
आपको ईरान के माज़ी
के बारे में पता चलेगा
किसी शायर ने क्या ख़ूब कहा
काफ़िरों से मैं ख़ुद बचूँगा
मुनाफ़िक़ों से ख़ुदा बचाए