मानवीय महानता की परीक्षा आसान परिस्थितियों में नहीं, बल्कि परीक्षा की घड़ियों में होती है। आम लोग परिस्थितियों के दबाव का शिकार होकर अपनी प्रकृति बदल लेते हैं, लेकिन विजेता वह है जो प्रतिकूल परिस्थितियों के घेरे में भी अपने सकारात्मक रवैयों का झंडा बुलंद रखता है।
जब हर तरफ नकारात्मक सोच के तूफान उठ रहे हों, तो उनके सामने बांध बांधना और अपने जर्फ़ की शादाबी को बरकरार रखना ही वह हुनर है जो आपको दूसरों से ممتاز करता है। याद रखिए! इतिहास उनको याद नहीं रखती जो परिस्थितियों के सांचे में ढल गए, बल्कि उनको याद रखती है जिन्होंने अपनी सकारात्मक روش से परिस्थितियों का रुख मोड़ दिया।"
"दुनिया का मुश्किल तरीन معرکہ किसी दूसरे को ज़ेर करना नहीं, बल्कि नकारात्मक परिस्थितियों के हुजूम में अपनी जात की अच्छाई को बचा लेना है।
जिसने ज़माने की तल्ख़ियों को अपने रवैयों की मिठास से शिकस्त दे दी, वही असल विजेता है! 🌟
जो दिलों को फतह कर ली वही विजेता ज़माना
अज़ कलम: ज़ा-शेख